Wednesday, June 4, 2008

fm channel 93.5

आजकल ऑफिस आते समय में 93.5 सुनता हुआ आता हू, उसमे नितिन ने झूटिया शुरू किया हे, जहाँ वह अपनी मशीन पर लोगों के झूट पकड़ता हे ! क्या वह अपनी मशीन पर हमारे राजनेताओ को नहीं बिठा सकता हे जिससे उनके काले कारनामो के बारे में पता चल सके ........आपके क्या विचार हे ?.

खोज !

मैंने सुना है...
कभी बोस ने कहा था
अगर कुछ इस देश को सुधारेगा
तों केवल दस साल तक लगातार आपातकाल
पर
ये पुरानी बात है....
वक्त बदल गया...
आज मेरे पास समाधान हैं
आज अगर इस देश को सुधारेगा तो केवल
नीचे के पद से शुरू करके ऊपर तक
सभी कर्मचारियों को डंडे मारे जाए ...
उनके वेतन के अनुपात में ...
और तभी केवल एक सप्ताह....दस साल नहीं
में यह देश सही दिशा में चल पड़ेगा !
पर...
हर डाल पर उल्लू बैठा है ..
वो डंडे मारने वाले कहाँ से लाऊं ...?

Tuesday, June 3, 2008

ब्राहमण

ब्राहमण
जन्म से मैं ब्राहमण हूँ
पर ..मैं
श्राद्ध, नवरात्र आदि कुछ नहीं जानता...
जानकर भी क्या करूँगा ?
कभी समाज की दशा - दिशा ब्राह्मण तय करते थे
ऐसा मैंने सुना है...
पर...
आज कुछ दिखने वाले और
कुछ अद्रश्य अमर मणि जेसे
ब्राह्मणों से समाज भरा है
फिर....
मैं ब्राहमण रह कर क्या करूँगा...?
हेम चंदर पाण्डेय

सन्दर्भ

हम नेता हैं
कानून हम ऐसा बनाये कि,
पकडे जाने पर कुछ समय
टूरिस्ट लोज में काट आए
पूछे कोई और तो उसे
सन्दर्भ याद दिलाये
इन सब बातों में 15-20 साल गुजर जायें
और ....कभी सजा हो भी जाए तो परलोक सिधार जायें....

हेम चंदर पांडेय

प्रेरणा

धन्यवाद देता हूँ सक्सेना जी को