Thursday, January 5, 2012

वाह जनाब

पता नहीं कहाँ से शुरुआत करूं ...कहने के लिए बहुत कुछ है पता नहीं क्या हुआ है मेरे देश को ...इस को कभी भी लालू, मुलायम, दिग्गी इत्यादि जैसे लोगों से कभी भी निजात नहीं मिलेगी | डेमोक्रेसी से किसे फायदा हुआ ? 1947 से पहले 500 राजा थे आज 50000 से भी जायदा हें | कहते हें पार्लियामेंट, प्रजातंत्र का मंदिर है, और कैसा मछली मार्केट बना कर रख दिया हे उसे ..? हमारे मिस्टर क्लीन भी वहां बैठे हैं और रानी भी ... क्या कभी किसी ने रानी को इस मंदिर में बोलते हुए सुना हें ? ये मिस्टर क्लीन वही हैं जिन्होंने नरसिह राव को जुलिअस सीजर की पत्नी की याद दलाई थी जब वो भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अलग पढ़ गए थे. इन सबसे क्या निष्कर्ष निकलता है | मतलब तुम कहो तो सब ठीक है | कहने को तुम सब देश की सेवा कर रहे हो ... पर सच इससे ठीक उल्टा है ... वो देश सेवा की सोचने वाले अब नहीं है ... अभी हाल में लोकपाल की टीवी में बहस के दौरान एक सज्जन ने ठीक ही कहा था ... कहाँ की देश सेवा . इन लोगों का 2000000 का खर्चा है आप इनको 2000000 रूपये महीना दे दीजिये और कुछ मत पूछिए .. लोकपाल और जोकपाल कुछ भी पास कीजिये .....

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