Tuesday, June 3, 2008

प्रेरणा

धन्यवाद देता हूँ सक्सेना जी को

1 comment:

Satish Saxena said...

हमारे देश में विद्वता की कोई कमी नहीं है, कमी है सही अवसर और वक्त पर उचित मार्गदर्शन की ! हमारे और तुम्हारे जैसे कबाडी और पागल हर जगह हैं, कुछ लोग हमें पागल और कुछ महाविद्वान समझते हैं! सब अपनी अपनी भावना के अनुसार हमें उपकृत कर रहे हैं !