मैं इतना मुर्ख भी नही
की...
एक अकेला इन्सान पत्थर से सोना ..आदि ..इत्यादि
अर्थात आपकी सब समस्याओं
को चुटकी बजा कर हल कर सकता है ..को यकीं कर लू
पर ..मैं तो सिर्फ़
सिर्फ़ और सिर्फ़ वो गहराई देखना चाहता हूँ
की...
वह कहाँ तक गिर सकता है ...?
झाडू वाले
5 weeks ago


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